Faf du Plessis Biography In Hindi | फाफ डु प्लेसी का जीवन परिचय

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Faf du Plessis Biography

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फ्रेंकोइस डु प्लेसिस, फाफ डु प्लेसिस के नाम से पहचाने जाते हैं। वह दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम के तीनों प्रारूपों के कप्तान रह चुके हैं। वह दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और दाएं हाथ के लेग स्पिनर भी हैं। डू प्लेसी मध्य क्रम के बल्लेबाज हैं, जो लंबी पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। वो विश्व क्रिकेट के बेहतरीन बल्लेबाजों की सूची में शुमार हैं और वो एक बेहतरीन फील्डर भी हैं।


Faf du Plessis Biography In Hindi | फाफ डु प्लेसी का जीवन परिचय

पूरा नाम  फ्रेंकोइस डु प्लेसिस
जन्म तिथि  13 जुलाई 1984
जन्म स्थान  प्रिटोरिया, ट्रांसवाल प्रांत दक्षिण अफ्रीका
उम्र  38 वर्ष
देश  दक्षिण अफ्रीका
पेशा  क्रिकेटर
राष्ट्रीयता  दक्षिण अफ्रीकी
हाइट  5′ 10”
वजन  79 KG
आईपीएल टीम 2022 रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर

फाफ डु प्लेसी का जन्म व प्रारम्भिक जीवन 

फाफ डु प्लेसी का पूरा नाम फ्रेंकोइस डु प्लेसी है. उनका जन्म साउथ अफ्रीका में प्रिटोरिया में 13 जुलाई, 1984 को हुआ. 34 साल के प्लेसी मुख्य रूप से दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं. उनकी गेंदबाजी शैली लेगब्रेक है.


फाफ डु प्लेसी का करियर 

फाफ डु प्लेसी साउथ अफ्रीका के अलावा चेन्नई सुपर किंग्स, लंकाशायर, नॉर्म्स, राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स, साउथ अफ्रीका ए, साउथ अफ्रीका अंडर -19, सेंट किट्स एंड नेविस पैट्रियट्स, टाइटन्स, वर्ल्ड-इलेवन का हिस्सा रहे हैं.

बतौर बल्लेबाज : फाफ डु प्लेसी ने अभी तक के कैरियर में 134 वनडे मुकाबले खेले हैं. इनमें उन्होंने कुल 5120 रन बनाए. इस दौरान उनका औसत 46.54 रहा उनका उच्चतम स्कोर 185 है.

बतौर गेंदबाज : साउथ अफ्रीका के इस खिलाड़ी ने गेंदबाज के तौर पर 2 विकेट चटकाए हैं. उनका गेंदबाजी औसत 94.50 है. प्लेसी का इकोनॉमी रेट 5.90 का है. उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 1/8 है.

प्लेसी ने 18 जनवरी, 2011 में भारत के खिलाफ केपटाउन में वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया था. उन्होंने अपना आखिरी वनडे 16 मार्च 2019 को श्रीलंका के खिलाफ केपटाउन में खेला था.


साढ़े तीन साल खेला क्लब क्रिकेट

डु प्लेसी ने अप्रैल 2008 में लंकाशायर के साथ काउंटी क्रिकेट खेलने के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए, जिसके बाद वह क्लब के लिए साढ़े तीन साल तक खेलते रहे। उन्होंने टाइटन्स के लिए खेलते हुए बहुत बेहतरीन प्रदर्शन किया। 2011 में उन्हें आईपीएल नीलामी के दौरान चेन्नई सुपरकिंग्स ने खरीदा।

डु प्लेसी का ड्रीम टेस्ट डेब्यू था। उन्होंने 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया और कुल 188 रनों की पारी खेली। पहली पारी में उन्होंने 78 और दूसरी पारी में 376 गेंदों पर 110 रन बनाए थे। इसकी बदौलत टीम को जीत हासिल मिली। इसके लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार भी मिला।


फाफ डु प्लेसी का वनडे डेब्यू

उन्होंने 18 जनवरी 2011 को भारत के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया और नाबाद 60 रन बनाए। उप-महाद्वीप की पिचों पर बेहतरीन बल्लेबाजी की वजह से उन्हें 2011 विश्व कप के लिए टीम में शामिल किया गया। हालांकि सात मैचों में वह केवल एक अर्धशतक ही बना पाए और उनके लिए यह टूर्नामेंट अच्छा नहीं रहा।

2014 में उन्होंने तीन लगातार एकदिवसीय शतक बनाए। वह चार रनों से चौथा शतक लगाकर रिकॉर्ड बनाने से चूक गए थे। 2015 विश्वकप में वह अपनी टीम के लिए दूसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने थे। दिसंबर 2012 में उन्हे न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए कप्तान बनाया गया।

2016-17 के ऑस्ट्रेलिया दौरे में वह तीनों प्रारूपों में कप्तान के रूप में शतक बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बने। उनके पास एकदिवसीय मैचों में दक्षिण अफ्रीका के लिए दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने का रिकॉर्ड भी है, जिसमें उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 185 रन बनाए थे।

2019 के विश्वकप में दक्षिण अफ्रीकी टीम की कमान उनके हाथों में थी लेकिन टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था। प्रोटियाज टीम 9 में से सिर्फ 3 ही मुकाबले जीत पाई और 7वें पायदान पर रही। इसके बाद भारत के खिलाफ अक्टूबर में हुई टेस्ट सीरीज में भी टीम को 3-0 से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा।


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