Lata Mangeshkar Biography In Hindi | लता मंगेशकर का जीवन परिचय

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Lata Mangeshkar Biography In Hindi

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लता मंगेशकर वो नाम है, जो अपनी सुरीली आवाज के कारण भारत ही नहीं पूरी दुनिया में जानी जाती है, लता जी को भारत की स्वर कोकिला के रूप में भी जानी जाती हैं। लता जी का नाम गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है, उन्होंने सबसे ज्यादा गाना गाकर एक रिकॉर्ड बनाया है. लता जी ने लगभग 30 हजार गाने 20 अलग भाषओं में 1948-87 तक गाये है। अब तो ये 40 हजार का आकड़ा पार कर चुका है.

Lata Mangeshkar Biography In Hindi

पूरा नाम लता मंगेशकर
जन्म तिथि  28 सितंबर 1929
जन्म स्थान  मध्यप्रदेश, इंदौर
उम्र  92
माता और पिता का नाम शेवंती मंगेशकर, दीनानाथ मंगेशकर
भाई, बहन का नाम मीना, आशा, उषा व हृदानाथ
निधन 6 फ़रवरी 2022 मुंबई

 

लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को मध्यप्रदेश के इंदौर में हुआ। उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर एक कुशल रंगमंचीय गायक थे। दीनानाथ जी ने लता को तब से संगीत सिखाना शुरू किया, जब वे पांच साल की थी। उनके साथ उनकी बहनें आशा, ऊषा और मीना भी सीखा करतीं थीं।

लता मंगेशकर जी का शुरुआती जीवन 

लता ‘अमान अली ख़ान साहिब’ और बाद में ‘अमानत ख़ान’ के साथ भी पढ़ीं। लता मंगेशकर हमेशा से ही ईश्वर के द्वारा दी गई सुरीली आवाज़, जानदार अभिव्यक्ति और बात को बहुत जल्द समझ लेने वाली अविश्वसनीय क्षमता का उदाहरण रहीं हैं। इन्हीं विशेषताओं के कारण उनकी इस प्रतिभा को बहुत जल्द ही पहचान मिल गई थी। लेकिन पाँच वर्ष की छोटी आयु में ही आपको पहली बार एक नाटक में अभिनय करने का अवसर मिला। शुरुआत अवश्य अभिनय से हुई किंतु आपकी दिलचस्पी तो संगीत में ही थी।

वर्ष 1942 में उनके पिता की मौत हो गई। तब लता केवल 13 वर्ष की थीं। नवयुग चित्रपट फिल्‍म कंपनी के मालिक और इनके पिता के दोस्‍त मास्‍टर विनायक (विनायक दामोदर कर्नाटकी) ने इनके परिवार को संभाला और लता मंगेशकर को एक सिंगर और अभिनेत्री बनाने में मदद की।

लता मंगेशकर जी का गायकी में करियर

सफलता की राह कभी भी आसान नहीं होती है। लता जी को भी अपना स्थान बनाने में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पडा़। कई संगीतकारों ने तो आपको शुरू-शुरू में पतली आवाज़ के कारण काम देने से साफ़ मना कर दिया था। उस समय की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका नूरजहाँ के साथ लता जी की तुलना की जाती थी। लेकिन धीरे-धीरे अपनी लगन और प्रतिभा के बल पर आपको काम मिलने लगा।  लता जी की अद्भुत कामयाबी ने लता जी को फ़िल्मी जगत की सबसे मज़बूत महिला बना दिया था।

लता जी को सर्वाधिक गीत रिकार्ड करने का भी गौरव प्राप्त है। फ़िल्मी गीतों के अतिरिक्त आपने ग़ैरफ़िल्मी गीत भी बहुत खूबी के साथ गाए हैं। लता जी की प्रतिभा को पहचान मिली सन् 1947 में, जब फ़िल्म “आपकी सेवा में” उन्हें एक गीत गाने का मौक़ा मिला। इस गीत के बाद तो आपको फ़िल्म जगत में एक पहचान मिल गयी और एक के बाद एक कई गीत गाने का मौक़ा मिला।

लता जी ने दो आंखें बारह हाथ, दो बीघा ज़मीन, मदर इंडिया, मुग़ल ए आज़म, आदि महान फ़िल्मों में गाने गाये हैं। “महल”, “बरसात”, “एक थी लड़की”, “बडी़ बहन” आदि फ़िल्मों में अपनी आवाज़ के जादू से इन फ़िल्मों की लोकप्रियता में चार चांद लगाए। इस दौरान आपके कुछ प्रसिद्ध गीत थे: “ओ सजना बरखा बहार आई” (परख-1960), “आजा रे परदेसी” (मधुमती-1958), “इतना ना मुझसे तू प्यार बढा़” (छाया- 1961), “अल्ला तेरो नाम”, (हम दोनो-1961), “एहसान तेरा होगा मुझ पर”, (जंगली-1961), “ये समां” (जब जब फूल खिले-1965) इत्यादि।

लता मंगेशकर जी का पहला गाना (Lata Mangeshkar’s First song)

फिल्म का नाम गाने का नाम  वर्ष
गजभाऊ (मराठी फिल्म) माता एक सपूत की दुनिया बदल दे तू (हिंदी गाना) 1943

लता मंगेशकर जी का आखिरी गाना (Lata Mangeshkar’s Last song)

लता ने साल 2019 में अपना आखिरी गाना रिकॉर्ड किया था, उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के नारे ‘सौगंध मुझे मिट्टी की’ पर आधारित एक गाने में अपनी आवाज दी थी। म्यूजिक वीडियो में लता को यह कहते हुए सुना गया था, ”मैं पीएम मोदी का भाषण सुन रही थी। कुछ दिन पहले। उन्होंने उसमें कुछ पंक्तियाँ कही जो मुझे लगा कि हर भारतीय की भावनाओं का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उन्होंने मुझे छुआ भी। मैंने उन्हें रिकॉर्ड किया। और आज मैं इसे भारतीय सैनिकों और हर भारतीय को अपनी श्रद्धांजलि के रूप में पेश करता हूं। जय हिन्द..”।

लता मंगेशकर जी का राजनीतिक करियर

1999 में उन्हें राज्य सभा के सदस्य के रूप में भी नामित किया गया था। उनका कार्यकाल 2006 में समाप्त हो गया था, हालांकि सत्रों में भाग नहीं लेने के लिए उनकी आलोचना की गई थी। तब उन्होंने संसद से अनुपस्थित रहने के लिए अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया था। लता दीदी ने एक सांसद के रूप में अपनी सेवाओं के लिए दिल्ली में एक पैसा या वेतन या घर नहीं लिया।

लता मंगेशकर जी को मिले पुरस्कार

लता मंगेशकर, जिन्हें नाइटिंगेल ऑफ इंडिया के नाम से भी जाना जाता है, लता जी को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, बीएफजेए पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार, फिल्मफेयर विशेष पुरस्कार, फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार जीता था। इनके अलावा, उन्हें पद्म भूषण (1969), दादा साहब फाल्के पुरस्कार (1989), महाराष्ट्र भूषण (1997), पद्म विभूषण (1999), भारत रत्न (2001) लीजन ऑफ ऑनर (2007) से सम्मानित किया गया।

लता मंगेशकर जी के कुछ मशहूर गाने 

  • 1949 हवा में उड़ता जाए (बरसात)
  • 1958 आजा रे परदेसी (मधुमती)
  • 1960 ओ सजना बरखा बहार आई (परख)
  • 1961 इतना ना मुझसे तू प्यार बढ़ा (छाया)
  • 1961 अल्लाह तेरो नाम (हम दोनों)
  • 1961 ज्योति कलश छलके (भाभी की चूड़ियां)
  • 1961 एहसान तेरा होगा मुझ पर (जंगली)
  • 1962 कहीं दीप जले कहीं दिल (बीस साल बाद)
  • 1963 पंख होती तो उड़ आती रे (सेहरा)
  • 1964 नैना बरसे रिमझिम (वो कौन थी)
  • 1965 अजी रूठ के अब (आरजू)
  • 1965 ये समां (जब जब फूल खिले)
  • 1965 आज फिर जीने की तमन्ना है (गाइड)
  • 1967 आ जा पिया तोहे प्यार दूं (बहारों के सपने)
  • 1968 बच्चे मन के सच्चे (दो कलियां)
  • 1968 चंदन सा बदन (सरस्वती चंद्र)
  • 1968 तू कितनी अच्छी है (राजा और रंक)
  • 1969 बिंदिया चमकेगी (दो रास्ते)
  • 1971 दिलबर दिल से प्यारे (कारवां)
  • 1971 चलते चलते (पाकीजा)
  • 1973 अब तो है तुमसे (अभिमान)
  • 1989 कबूतर जा जा (मैंने प्यार किया)
  • 1994 माई नी माई मुंडेर पे (हम आपके हैं कौन)
  • 1998 जिया जले जां जले (दिल से)
  • 2000 हमकों हमीं से चुरा लो (मोहब्बतें)

लता मंगेशकर का फ़िल्मी करियर (Lata Mangeshkar Filmy Career)–

लता जी ने लगभग सभी बड़े निर्माता निर्देशक के साथ काम किया है. पहले वे नूर जहान की तरह गाने की कोशिश करती थी, लेकिन समय के साथ लता जी ने अपनी आवाज में पहचान पा ली. लता जी ने नौशाद अली, अनिल विश्वाश, मदद मोहन, एसडी बर्मन, शंकर जयकिशन जैसे महान म्यूजिक डायरेक्टर के साथ काम किया है. लता जी के आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री का मेकओवर हो गया था, फिल्मों में गानों को नयापन मिला. 50’s में लता जी की छोटी बहन आशा जी भी फ़िल्मी दुनिया में आ गई, दोनों बहनों की आवाज में बहुत अन्तर था, लेकिन एक ही जगह काम करने के कारण दोनों के बीच तुलना बहुत की जाती थी. लेकिन काम को दोनों बहनों ने अपने रिश्ते के बीच नहीं आने दिया.

लता जी ने शंकर जयकिशन, सलिल चौधरी, नौशाद सहित और भी कितने ही जाने-माने संगीतकारों के साथ काम किया। लता मंगेशकर ने मदन मोहन और सी. रामचंद्र के लिए जो गाने गाए, वे उनके सर्वश्रेष्ठ गीत माने जाते हैं। बाद के वर्षों में उन्होंने लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी के साथ भी खूब काम किया। इस जोड़ी के साथ लता जी ने सबसे अधिक करीब 670 गाने गाए।

लता मंगेशकर ने शादी क्यों नहीं की?

लता मंगेशकर जिनकी आवाज की सारी दुनिया कायल है, उन्होंने शादी क्यों नहीं की। इस बारे में स्वयं लता जी ने कई जगह साक्षात्कार में कहा है कि पिताजी के गुजर जाने के बाद सबसे बड़ी बेटी होने के कारण घर-परिवार चलाने की जिम्मेदारी मुझ पर आ गई। छोटे भाई-बहनों के जीवन के बारे में सोचने में इतनी व्यस्त रहीं कि खुद की शादी के बारे में फैसला करने का समय ही नहीं मिला।

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