Omicron Variant Kya Hai In Hindi | Omicron Ke Lakshan

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Omicron Variant Kya Hai In Hindi
Omicron Variant Kya Hai In Hindi

Omicron Kya Hai In Hindi

कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन (Omicron Variant) ने देश में एंट्री कर ली है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) के मुताबिक, देश में बुधवार की देर रात ओमीक्रॉन वेरिएंट के दो मामले (Two confirmed Omicron cases) सामने आए हैं, जिनका इलाज चल रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि ओमीक्रॉन वेरिएंट के दोनों मामले कर्नाटक में मिले हैं.


जिन 2 मरीजों में ओमीक्रॉन केस की पुष्टि हुई है उनमें से एक 66 वर्षीय पुरुष जबकि दूसरा 46 वर्षीय पुरुष है. उनकी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है. देश में कोरोना के नए वेरिएंट के दस्तक देने के बाद लोगों के बीच एक तरह से भय का माहौल है. इसको लेकर एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे डरने की बजाय, सावधान रहने की जरूरत है.


Omicro Ke Lakshan In Hindi

ओमीक्रोन के मरीज में दिखे थे ऐसे लक्षण

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टर एंजेलीके कोएट्जी ने दक्षिण अफ्रीका में सबसे पहले ओमिक्रॉन वेरिएंट की पहचान की है. दक्षिण अफ्रीकी मेडिकल एसोसिएशन की अध्यक्ष भी हैं. एएफपी से बातचीत के दौरान उनका कहना था कि सबसे पहले उन्होंने 30 वर्षीय युवक में इसके लक्षण देखे. उस युवक में ये सारे लक्षण थे:-


  1. बहुत ज्यादा थकान
  2. हल्का सिरदर्द
  3. पूरे शरीर में दर्द
  4. गले में खराश
  5. सूखी खांसी

दक्षिण अफ्रीका के डॉक्टर्स ने ओमीक्रॉन से संक्रमित मरीजों में अत्यधिक थकान, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश और सूखी खांसी जैसे लक्षणों पर गौर किया. वहीं कुछ मरीजों का टेंपरेचर थोड़ा ज्यादा था. हालांकि डॉक्टर्स ने मरीजों के एक छोटे से समूह को देखने के बाद इन लक्षणों को बताया है. आने वाले समय में ओमीक्रोन से संक्रमित अधिकांश मरीजों में ऐसे लक्षण नजर आते हैं कि नहीं इस बारे में स्पष्ट दावा नहीं किया जा सकता है.


Omicron Se Bachne Ke Upaay

बचाव के लिए हमें क्या सावधानियां रखने की जरूरत है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दक्षिणपूर्वी एशिया क्षेत्र के देशों से सतर्कता बढ़ाने और जन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने को कहा है. डब्ल्यूएचओ ने शादी या अन्य समारोहों, उत्सवों और भीड़ वाले आयोजनों में सभी एहतियाती उपाय करने की सलाह दी है.

उन्होंने चेताया है कि सुरक्षात्मक कदम जितने जल्दी लागू किए जाएंगे, देशों को उतने ही कम प्रतिबंध लागू करने होंगे. कोविड जितना फैलेगा, वायरस को उतना ही म्यूटेट होने यानी स्वरूप बदलने का अवसर मिलेगा और यह महामारी उतने ही ज्यादा दिनों तक बनी रहेगी.


डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की निदेशक डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह का कहना है कि हमें किसी भी कीमत पर लापरवाही नहीं करनी है. उन्होंने कहा कि संक्रमण को रोकने के लिए व्यापक और जरूरत के अनुसार सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं और सामाजिक उपाय जारी रखने चाहिए.

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