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सरस्वती पूजा पर निबंध । Saraswati Puja Nibandh In Hindi

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सरस्वती पूजा पर निबंध । Saraswati Puja Nibandh In Hindi

Saraswati Puja 2022 Essay: वसंत पंचमी के ही दिन हर साल मां सरस्वती को पूजा जाता है। कई स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में मां सरस्वती की प्रतिमा बैठाई जाती है और पूजा की जाती है। छात्र और छात्राएं सरस्वती पूजा के दिन सुबह-सुबह नहा-धोकर मां सरस्वती की पूजा करते हैं और फिर प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस मौके पर हम आपको इस लेख मे Saraswati Puja Nibandh In Hindi बता रहे हैं कि आप सरस्वती पूजा पर कैसे निबंध लिख सकते हैं।


सरस्वती पूजा पर निबंध 

सरस्वती पूजा, वसंत पंचमी के मौके पर मनाने वाला एक पर्व हैं। इसलिए हर साल सरस्वती पूजा वसंत पंचमी के दिन ही की जाती है। मां सरस्वती को विद्या की देवी माना जाता है। इसको हंसवासिनी के नाम से भी जाना जाता है। वसंत पंचमी के दिन हर साल स्कूलों और कॉलेजों में मां सरस्वती की पूजा की जाती है। इस दिन पीले कपड़े पहने जाते हैं और माता की प्रतिमा की पूजा की जाती है

वैसे वसंत पंचमी के अलावा नवदुर्गा में भी मां सरस्वती की पूजा का खास महत्व है। वसंत पंचमी को सरस्वती पूजा का विशेष महत्व है यह माघ महीने के शुक्ल पंचमी को आती है। माता सरस्वती जा की पूजा वंदना की जाती है और माता सरस्वती की प्रतीमा स्थापित की जाती है और सभी विद्यार्थी और शिक्षक मिलकर माता सरस्वती की वंदना करते हैं, आरती करते हैं।


सरस्वती पूजा पर निबंध 2022

मां सरस्वती विद्या की देवी हैं इसलिए विद्यार्थियों के लिए यह पूजा विशेष रूप से की जाती है। इस पूजा में सभी विद्यार्थी उपस्थित होते हैं। इस दिन माता सरस्वती का श्रंगार किया जाता है। उनके चरणों में लाल गुलाल अर्पित की जाती है और पास में दिए भी जलाए जाते हैं। पूजा के एक-दो दिन बाद ही माता सरस्वती की प्रतिमा विसर्जित की जाती हैं। इस विसर्जन में विद्यार्थी व श्रद्धालू विशेष रूप से भाग लेते हैं और माता का विसर्जन करते हैं।

Saraswati Puja 2022 Essay in Hindi

मां सरस्वती जी की पूजा का विशेष महत्व है हम सभी जानते हैं कि सरस्वती माता विद्या की देवी होती हैं। कहते हैं जो माता सरस्वती की पूजा करता है, उनकी आराधना करता है, उसका पढ़ाई में बहुत ही अच्छी तरह से मन लगता है। और तो और जीवन में आगे बढ़ता है इसलिए विद्यार्थियों के लिए सरस्वती माता की पूजा का विशेष महत्व है।

इसके अलावा स्पेशल बच्चों के लिए भी सरस्वती माता की पूजा का बड़ा महत्व होता है क्योंकि सरस्वती माता बु्द्धि की देवी होती हैं। वह अपना आशीर्वाद मंदबुद्धि को ज़रूर देती हैं इसके अलावा हर व्यक्ति के लिए सरस्वती माता का महत्व होता है। हमें वसंत पंचमी के दिन सरस्वती माता की आराधना करनी चाहिए उनकी पूजा करना चाहिए।

मां सरस्वती देवी के अनेक नाम हैं। भारती, गिरा, महाश्वेता, शारदा और विंध्यवासिनी जैसे अलग-अलग नामों से मां सरस्वती को बुलाया जाता है। मां सरस्वती सभी लोगों के लिए एक उत्साह लेकर आती हैं। सभी लोग इस त्योहार को बहुत ख़ुशी से मनाते हैं। हर व्यक्ति और खासकर बच्चे इस त्योहार का ख़ूब आनंद लेते हैं।


Saraswati Puja Par Nibandh In Hindi

सरस्वती पूजा हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है इस त्यौहार पर मां सरस्वती की पूजा की जाती है देवी सरस्वती को ज्ञान की देवी कहते हैं। सरस्वती जी की पूजा हर साल बसंत पंचमी के दिन होती है।इस दिन सभी लोग सरस्वती मां की पूजा करते हैं और उनसे बुद्धि और ज्ञान प्राप्त करने का आशीर्वाद लेते हैं जिस दिन सभी स्कूल कॉलेज में इनकी पूजा की जाती है और पीले रंग के फल भी चढ़ाए जाते हैं।

सरस्वती माता की पूजा में घी के दिए जलाए जाते हैं और मंत्र का जाप किया जाता है और प्रसाद भी चढ़ाया जाता है पूजा खत्म होने के बाद सभी लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं और मां का आशीर्वाद लेकर चले जाते हैं। सरस्वती पूजा भारत के साथ-साथ नेपाल और बांग्लादेश में भी बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन विष्णु और कामदेव की भी पूजा की जाती है।


Saraswati Puja Par Nibandh

सरस्वती पूजा सरस्वती देवी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। माता सरस्वती की सवारी मोर होती है जो कि बहुत ही ज्यादा सुंदर होती है। इस दिन सभी स्कूल कॉलेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किए जाते हैं जिसमें लोग नाटक और संगीत आदि प्रस्तुत करते हैं। इस दिन विद्यार्थी इस त्यौहार को बड़े धूमधाम से मनाते हैं क्योंकि उन्हें विद्या ग्रहण करने में सरस्वती मां का आशीर्वाद बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है।


सरस्वती पूजा पर निबंध 10 लाइन

  1. सरस्वती पूजा या वसंत पंचमी हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है।
  2. इस दिन सरस्वती मां की पूजा की जाती है।
  3. सरस्वती मां को विद्या की देवी कहा जाता है।
  4. सरस्वती माता की पूजा हर साल बसंत पंचमी को किया जाता है।
  5. इस दिन सभी शिक्षण संस्थानों में सरस्वती माता की मूर्ति स्थापित की जाती है और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
  6. सरस्वती पूजा भारत के साथ-साथ बांग्लादेश और नेपाल में भी किया जाता है।
  7. देवी सरस्वती की सवारी मोर है।
  8. इस दिन सभी लोग मंदिरों में सरस्वती मां की पूजा करते हैं।
  9. मंदिरों में जल सफेद और पीले रंग के फूल आदि चढ़ाए जाते हैं।
  10. सभी लोग सरस्वती मां से आशीर्वाद मांगते हैं कि उन्हें जीवन में सुख समृद्धि मिले।



Saraswati Puja Par Essay

सरस्वती पूजा हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है इस त्यौहार पर मां सरस्वती की पूजा की जाती है देवी सरस्वती को ज्ञान की देवी कहते हैं। सरस्वती जी की पूजा हर साल बसंत पंचमी के दिन होती है।

इस दिन सभी लोग सरस्वती मां की पूजा करते हैं और उनसे बुद्धि और ज्ञान प्राप्त करने का आशीर्वाद लेते हैं जिस दिन सभी स्कूल कॉलेज में इनकी पूजा की जाती है और पीले रंग के फल भी चढ़ाए जाते हैं।

सरस्वती माता की पूजा में घी के दिए जलाए जाते हैं और मंत्र का जाप किया जाता है और प्रसाद भी चढ़ाया जाता है पूजा खत्म होने के बाद सभी लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं और मां का आशीर्वाद लेकर चले जाते हैं।

सरस्वती पूजा भारत के साथ-साथ नेपाल और बांग्लादेश में भी बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन विष्णु और कामदेव की भी पूजा की जाती है।

सरस्वती पूजा सरस्वती देवी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। माता सरस्वती की सवारी मोर होती है जो कि बहुत ही ज्यादा सुंदर होती है।

इस दिन सभी स्कूल कॉलेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किए जाते हैं जिसमें लोग नाटक और संगीत आदि प्रस्तुत करते हैं।

इस दिन विद्यार्थी इस त्यौहार को बड़े धूमधाम से मनाते हैं क्योंकि उन्हें विद्या ग्रहण करने में सरस्वती मां का आशीर्वाद बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है।


Saraswati Puja Par Nibandh Hindi Mein

सरस्वती पूजा’ हिन्दुओं का प्रसिद्द त्यौहार है। यह पूजा प्रतिवर्ष बसंत पंचमी के दिन मनायी जाती है। यह पूजा पूर्वी भारत, पश्चिमोत्तर बांग्लादेश, नेपाल और कई राष्ट्रों में बड़े उल्लास से मनायी जाती है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार यह त्यौहार माघ महीने के पांचवें दिन (पंचमी) पर हर साल मनाया जाता है।

माँ सरस्वती को विद्या की देवी माना जाता है। सरस्वती पूजा का आयोजन उन्हीं के सम्मान में किया जाता है। भारत के कुछ क्षेत्रों में इसे बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है। माँ सरस्वती को विद्यादायिनी एवं हंसवाहिनी कहा जाता है।

सरस्वती पूजा के आयोजन के ख्याल से ही छात्र-छात्राओं में जोश का संचार हो जाता है। प्रत्येक शिक्षण-संस्थानों में विद्यार्थियों द्वारा पूरी तन्मयता के साथ सरस्वती पूजा का आयोजन किया जाता है। बड़े-बूढ़े भी बच्चों को पूरा सहयोग देते हैं। बच्चों द्वारा अतिरिक्त समय में सांस्कृतिक व मनोरंजक कार्यों का भी आयोजन किया जाता है।

सरस्वती पूजा में माँ सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती माँ की पूजा की जाती है तथा पीले वस्त्र धारण करने का रिवाज़ है। इस दिन बच्चों को हिन्दू रीति के अनुसार उनका पहला शब्द लिखना सिखाया जाता है। हर कोई बहुत मज़े और उत्साह के साथ इस त्यौहार का आनंद लेता है।

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