ShivKumar Sharma Biography in Hindi | शिवकुमार शर्मा का जीवन परिचय

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Pandit ShivKumar Sharma Biography in Hindi, Wiki, Age, Family, Birth Place, Father and Mother, Son, Death Reason

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आज के इस लेख हम आपको पंडित शिवकुमार शर्मा का जीवन परिचय के बारे में बताने जा रहे हैं आज हम आपको इनके बारे में सभी प्रकार की जानकारी देंगे. आज यानि 10 मई 2022 को पंडित शिवकुमार शर्मा का निधन हो गया है। निधन की बात सुनकर पूरे लोगों के बीच दुख छा गया है ।

ShivKumar Sharma Biography in Hindi | शिवकुमार शर्मा का जीवन परिचय

नाम (Name) शिवकुमार शर्मा
उपनाम (Nickname) पंडित शिवकुमार, संतूर वादक शिवकुमार शर्मा
उम्र (Age) 84 वर्ष
जन्म तारीख (Date of birth) 13 जनवरी 1938
जन्म स्थान (Place of born ) जम्मू, भारत
शिक्षा (Education ) ज्ञात नहीं
गृहनगर (Hometown) जम्मू, भारत
ऊंचाई (Height) 6 फीट 1 इंच
आँखों का रंग (Eye Color) काला
बालो का रंग( Hair Color) ग्रे
राष्ट्रीयता (Nationality) भारतीय
राशि (Zodiac) मकर राशि
डेब्यू (Debut) फिल्म- झनक झनक पायल बाजे (संतूर वादक)
मरने की तारीख (Date of Death) 10 मई 2022
मरने का कारण (Death Reason) कार्डियक अरेस्ट
पेशा (Profession) भारतीय शास्त्रीय संगीतकार
संतूर वादक
वैवाहिक स्थिति (Marital Status) विवाहित

पंडित शिवकुमार शर्मा का जन्म व प्रारंभिक जीवन 

पंडित शिवकुमार शर्मा का जन्म 13 जनवरी 1938, जम्मू, भारत मे हुआ था। पंडित शिवकुमार शर्मा प्रख्यात भारतीय संतूर वादक थे। संतूर एक कश्मीरी लोक वाद्य होता है। 1999 में रीडिफ.कॉम को दिये एक साक्षातकार में उन्होंने बताया कि इनके पिता ने इन्हें तबला और गायन की शिक्षा तब से आरंभ कर दी थी, जब ये मात्र पाँच वर्ष के थे। इनके पिता ने संतूर वाद्य पर अत्यधिक शोध किया और यह दृढ़ निश्चय किया कि शिवकुमार प्रथम भारतीय बनें जो भारतीय शास्त्रीय संगीत को संतूर पर बजायें। तब इन्होंने १३ वर्ष की आयु से ही संतूर बजाना आरंभ किया और आगे चलकर इनके पिता का स्वप्न पूरा हुआ। इन्होंने अपना पहला कार्यक्रम बंबई में 1955 में किया था।

पंडित शिवकुमार शर्मा जी का परिवार 

शिवकुमार शर्मा की माता जी श्रीमती उमा दत्त शर्मा स्वयं एक शास्त्रीय गायिका थीं जो बनारस घराने से संबंध रखती थीं। 4 वर्ष कि अल्पायु से ही शिवकुमार शर्मा ने अपने पिता से गायन व तबला वादन सीखना प्रारंभ कर दिया था। शिवकुमार शर्मा ने एक साक्षात्कार में बताया था कि उनकी माँ का यह सपना था कि वे भारतीय शास्त्रीय संगीत को संतूर पर बजाने वाले प्रथम संगीतज्ञ बनें। इस प्रकार उन्होंने 13 वर्ष की आयु में संतूर सीखना शुरू कर दिया तथा अपनी माँ का सपना पूरा किया।

शिवकुमार शर्मा ने कई संगीतकारों जैसे जैकिर हुसैन और हरिप्रसाद चौरसिया के साथ मिलकर काम किया है। उन्होंने हिंदी फिल्मों जैसे “दार”, “सिलसिला”, “लामहे”, आदि के लिए संगीत भी बनाये। उनके कुछ प्रसिद्ध एल्बमों में कॉल ऑफ द वैली, संप्रदाय, एलीमेंट्स: जल, संगीत की पर्वत, मेघ मल्हार, आदि हैं। बेटा राहुल भी एक प्रसिद्ध संतूर खिलाड़ी है। शिवकुमार शर्मा को पद्मश्री, पद्म विभूषण, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, जम्मू विश्वविद्यालय से मानद डॉक्टरेट, उस्ताद हाफिज अली खान पुरस्कार, महाराष्ट्र गौरव पुरस्कार, आदि जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हैं। उनके पास शहर की मानद नागरिकता भी है बाल्टीमोर, यूएसए यह निर्दोष संगीतकार वास्तव में इन सम्मानों के हकदार हैं और अधिक। उनके संतूर की पढ़ाई हमें आने वाले कई वर्षों से मंत्रमुग्ध कर रखेगी।

पिता ने की थी शिवकुमार शर्मा को लेकर भविष्यवाणी!

वो भविष्यवाणी कई साल बाद पंडित शिवकुमार के द्वारा सच हुई. दरअसल, पिता ने तब ही निश्चय कर लिया था कि कुछ भी हो जाए शिवकुमार देश के पहले ऐसे वादक बनेंगे जो कि भारतीय शास्त्रीय संगीत को संतूर पर बजाएंगे और अपनी सभ्यता को आगे बढ़ाएंगे, देश का नाम रौशन करेंगे. हुआ भी ऐसा ही, 13 साल की उम्र में शिवकुमार ने संतूर बजाना शुरू किया था. धीरे धीरे वे इस कला में माहिर हो गए औऱ इसके महारथी बन गए. उस समय शिवकुमार शर्मा ने अपना पहला स्टेज परफॉर्मेंस सन 1955 में दिया था. उनका पहला कार्यक्रम बंबई में हुआ था.

शानदार गायक भी थे शिवकुमार शर्मा

बता दें, शिवकुमार शर्मा संतूर के महारथी होने के साथ-साथ एक अच्छे गायक भी थे. इन्हें ही संतूर को लोकप्रिय शास्त्रीय वाद्य बनाने में पूरा श्रेय जाता है. खास बात ये भी है कि इन्होंने संगीत साधना जब आरंभ की थी तब संतूर के बारे में कभी हल्का फुल्का भी नहीं सोचा था. लेकिन पिता के वचन उनके लिए बहुत मायने रखते थे. उन्हें अपने पिता के उस निश्चय के बारे में खबर थी. ऐसे में उन्होंने भी पिता के इस सपने को पूरा करने में जान फूंकदी. साल 1960 में पंडित शिवकुमार शर्मा का सबसे पहला एलबम आया था. 1965 में उन्होंने निर्देशक वी शांताराम की फिल्म के लिए संगीत दिया. ये फिल्म थी-झनक झनक पायल बाजे.

सम्मान • पुरस्कार

  • सम्मान शिवकुमार शर्मा जी को कई राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है , जिनमें प्रमुख है
  • – वर्ष 1985 में संयुक्त राज्य अमेरिका के राज्य बाल्टीमोर की मानद् नागरिकता मिली है ।
  • .- वर्ष 1986 संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
  • वर्ष 1991 में पद्मश्री सम्मान
  • – वर्ष 2001 में पद्मविभूषण सम्मान ।

शिवकुमार शर्मा एल्बम (Shivkumar Sharma Album, Discography)

  • शर्मा, पं शिवकुमार- द ग्लोरी ऑफ स्ट्रिंग्स- संतूर (1991)
  • शर्मा, पं शिवकुमार- राग भोपाली (1993)
  • शर्मा, पं शिवकुमार- राग केदारी (1993)
  • शर्मा, पं शिवकुमार- हंड्रेड स्ट्रिंग्स ऑफ संतूर (1994)
  • शर्मा, पं शिवकुमार- हिप्नोटिक संतूर (1994)
  • शर्मा, पं शिवकुमार- पॉयनियर ऑफ संतूर (1994)
  • शर्मा, पं शिवकुमार- राग बिलासखानी तोड़ी (1994)
  • शर्मा, पं शिवकुमार- संतूर (1998)
  • शर्मा, पं शिवकुमार- द इनर पाथ (2004)
  • शर्मा, पं शिवकुमार- सिम्पैटिको (2004)

शिवकुमार शर्मा मौत का कारण (ShivKumar Sharma Death Reason)

शिवकुमार शर्मा का निधन 10 मई 2022 को 84 वर्ष की आयु में, कार्डियक अरेस्ट के कारण हो गई।

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