स्टॉक मार्केट क्या है? (What Is Stock Market In Hindi)

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स्टॉक मार्केट क्या है? (What Is Stock Market In Hindi)

नमस्कार दोस्तों आज के इस आर्टिकल मे हम आपको Stock Market या Share Market क्या है? इसके बारे मे बताने वाले है अगर आपको Stock Market या Share Market के बारे मे पूरी जानकारी चाहिए तो आप हमारे इस लेख को लास्ट तक जरूर पढे ।


स्टॉक मार्केट क्या है ?(What Is Stock Market In Hindi)

स्टॉक मार्केट को ही शेयर मार्केट कहा जाता है, स्टॉक मार्केट के माध्यम से कम्पनियाँ अपनी हिस्सेदारी बांटती है. और जो व्यक्ति किसी कम्पनी के स्टॉक को खरीदता है वह उस कंपनी का हिस्सेदार होता है. (कोई भी व्यक्ति किसी कंपनी का स्टॉक इसलिए खरीदता है ताकि भविष्य में उस कंपनी का स्टॉक प्राइज़ बड़े और वह लाभ कमा सके)


स्टॉक मार्केट को समझने के लिए हम आपको कुछ उदाहरण के द्वारा समझाते है से– मान लीजिये किसी कंपनी का टोटल वेल्यू 1लाख रूपये हैं आप उसके 20,000 शेयर खरीद लेते हैं, तब आप उस कंपनी के 20% हिस्से के हिस्सेदार या मालिक हैं. जब-जब उस कंपनी का टोटल वेल्यू बढ़ेगा तब-तब आपका शेयर प्राइज भी बढ़ेगा, और जब जब घटेगा तब आपका शेयर प्राइज़ भी घटेगा ।

व्यक्ति अपने हिस्से के शेयर को जब चाहे तब बेच सकता है चाहे वह इसे घाटे में बेचे या मुनाफे में. स्टॉक मार्केट में पैसा लाभ कमाने के उद्देश्य से लगाया जाता है परन्तु कई-कई बार कम्पनियाँ घाटे में चले जाती है. और कम्पनी का शेयर प्राइज गिर जाता है. जिससे निवेशक (हिस्सेदार) को नुकशान उठाना पड़ता है.


कंपनियां स्टॉक मार्केट में कब आती है?

जब कोई कंपनी अपना विस्तार चाहती है तथा अपने बिजनेस मॉडल को बड़ा करने की सोंच रखती है ऐसे में उसे बहुत अधिक फंड की आवश्यकता होती है. शेयर मार्केट या स्टॉक मार्केट एक ऐसा माध्यम है जहाँ रजिस्टर्ड होकर कम्पनियाँ मार्केट से पैसे उठा सकती है. इसलिए वह स्टॉक मार्केट में प्रवेश करती है.

शेयर बाजार की भाषा में यह IPO लाना कहलाता है. यह इतना आसान नहीं होता, किसी कम्पनी को शेयर मार्केट में रजिस्टर्ड होने के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) की अनुमति चाहिए होती है. कोई कंपनी अपना IPO तभी ला सकता है जब उसे SEBI का अनुमति प्राप्त हो. किसी कम्पनी को Stock Market में रजिस्टर्ड होने के लिए SEBI की सभी पॉलिसी को पूरा करना होता है.


कंपनियों का स्टॉक मूल्य कहां पर दिखता है?

कम्पनियाँ अपना स्टॉक दो माध्यमों से लाती है

  • BSE (Bombay Stock Exchange)
  • NSE (National Stock Exchange Of India)

BSE भारत का सबसे पुराना और बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है जिसकी स्थापना 1875 में हुआ था, यह एक प्राइवेट सेक्टर का स्टॉक एक्सचेंज है. वही भारत का दूसरा स्टॉक एक्सचेंज NSE है जिसकी स्थापना 1992 में की गई यह सरकार द्वारा संचालित है


स्टॉक या शेयर के कितने प्रकार हैं?

स्टॉक या शेयर कई प्रकार के होते हैं परन्तु Stock Market में प्रमुख रूप से जानने की आवश्यकता है उन्हें 3 प्रकार से बाटा गया है, इनकी सूची इस प्रकार है.

1. Common Shares

जैसा की नाम से ही पता चल रहा है Common Shares एक सामान्य शेयर है जिसे कोई भी व्यक्ति खरीद या बेच सकता है.

2. Bonus Shares

बोनस शेयर में कम्पनियाँ मुनाफा होने पर अपने शेयर धारकों को पैसे के बजाय शेयर प्रदान करती है तो इसे बोनस शेयर कहते हैं.

3. Preferred Shares

इस प्रकार के शेयर का उपयोग कुछ खास लोगों द्वारा किया जाता है यह सभी जन सामान्य के लिए नहीं होता, कम्पनी जब मार्केट से पैसे उठाने के लिए STOCK MARKET में रजिस्टर्ड होती है तो वह अपने शेयर कुछ खास लोगों को ही देना चाहती है ना की सभी को यह Preferred Shares कहलाता है. कम्पनी तय करती है की उनके शेयर को कौन से लोग खरीद सकते हैं. जैसे किसी विशेष कंपनी के कर्मचारी, इत्यादि.


स्टॉक मार्केट Trading क्या होता है?

Trading का अर्थ है व्यापार, लोग Stock Market में ट्रेडिंग इसी लिए करते हैं ताकि वे लाभ कमा सके और लाभ कमाने के उद्देश्य से किया गया कार्य व्यापार कहलाता है. स्टॉक मार्केट Trader स्टॉक या शेयर को कम दाम पर खरीदते हैं तथा जब स्टॉक का प्राइज बढ़ता है तब स्टॉक को बेचकर अपना प्रॉफिट कमा लेते हैं इसे ही स्टॉक मार्केट Trading कहा जाता है.

Stock Market Trading के कितने प्रकार होते है?

देखा जाए तो स्टॉक मार्केट ट्रेंडिंग के अनेक प्रकार हैं परन्तु मुख्यतः 4 प्रकार के Stock Trading अत्यधिक प्रचलित है. और लोगों द्वारा इन्ही 4 तरीके के ट्रेडिंग को पसंद किया जाता है.


Stock Market ट्रेडिंग के प्रकार –

1. Intra-Day Trading क्या है?

Intra Day Trading वह होता है जिसमे किसी Stock को खरीदने के बाद उसी दिन के अंदर बेचना होता है. मान लीजिये आपने सुबह 8.30 में मार्केट खुलने पर कोई स्टॉक ख़रीदा और साम 3 बजे मार्केट बंद होने से पहले उसे बेच दिया तब यह इंट्राडे ट्रेडिंग कहलाता है. अगर आप किसी कारणवश स्टॉक नहीं बेच पाते तब आपका अकाउंट प्रोवाइडर (ब्रोकर) उस स्टॉक को स्वयं ही बेच देता है मार्केट बंद होने के पहले उस स्टॉक का जो भी प्राइज हो उस दाम पे.

Intraday Trading में अधिकतम एक दिन का समय होता है और न्यूनतम आप जितना देर में बेच दें, आप चाहे तो तुरंत स्टॉक खरीदकर तुरंत ही एक मिनट के अंदर बेच सकते हैं.


2. Swing Trading क्या है?

Swing Trading को कुछ दिन या कुछ हफ़्तों के लिए किया जा सकता है अर्थात आप जब स्टॉक खरीदते हैं तब उसे कुछ दिनों या कुछ हफ़्तों में बेच सकते हैं – जब आपको लगे की उस स्टॉक का प्राइज बढ़ गया है तब बेच दें यही Swing Trading कहलाता है यह Intraday Trading के मुकाबले कम Risky होता है क्योंकि आपको समय सीमा अधिक मिलता है स्टॉक प्राइज बढ़ने के लिए.

3. Short Term Trading क्या है?

Trading के इस प्रकार में स्टॉक को खरीदकर कुछ महीनों के लिए रखा जाता है और जब लक्ष्य पूरा हो जाता है तब उसे बेच दिया जाता है Trading के इस प्रकार में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. परन्तु अच्छे रिसर्च और Stock Analysis के साथ एक बढ़िया कंपनी का शेयर खरीदना आपकी जिम्मेदारी है तभी लाभ कमाया जा सकता है.


4. Long Term Trading क्या है?

जैसा की नाम से ही पता चल रहा है Long Term Trading में स्टॉक को लम्बे समय के लिए खरीदकर रखा जाता है. यह समय एक साल 5 साल या उससे अधिक के लिए हो सकता है चूँकि यहाँ एक लम्बे समय के लिए Stock पर पैसा Invest किया जाता है इसलिए जिस कम्पनी पर इन्वेस्ट करें उसका अच्छा रिसर्च करना और भविष्य में वह कपनी क्या अच्छा कर सकती है इसका पता लगाना आवश्यक है.

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