Teacher’s Day Kyu Manaya Jata Hai In Hindi ?

2
hindinut
शिक्षक दिवस पर निबंध, शायरी, महत्व, भाषण,

शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है?, शिक्षक दिवस पर भाषण , शायरी, महत्व, निबंध  ( Teachers Day Essay , Shikshak Divas  history, importance, Quotes, Shayari, Speech In Hindi)

Teacher’s Day 2021: शिक्षक दिवस मतलब शिक्षकों का दिन, यही वह दिन है जब हर जगह विद्यार्थी  पने गुरु के प्रति आदर प्रकट करता है उसे वह सम्मान देता है जिसका वह हकदार है. वैसे देखा जाए तो शिक्षक आदर सम्मान प्राप्त करने के लिए किसी दिन का मोहताज नहीं है, परंतु एक विशेष दिन होने से वह उस दिन कुछ विशेष सम्मान पाता है और विद्यार्थीयों को भी अपने गुरु की महिमा का पता चलता है.


 

इंसान के जीवन मे शिक्षक का काफी महत्व है। क्योंकि शिक्षक के द्वारा ही व्यक्ति को ज्ञान प्राप्त होता है। जिससे इंसान को समाज में एक पहचान मिलती है। इसी लिए शिक्षक को भगवान से भी ऊँचा माना गया है। इसीलिए हिन्दी पद्य के रचयिता संत कबीर द्वारा रचित एक पंक्ति काफी प्रचलित है।

गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय।
बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय।।



नाम शिक्षक दिवस
तिथि 5 SEPTEMBER
प्रमुख व्यक्ति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
प्रकार राष्ट्रिय पर्व
शिक्षक दिवस पहली बार कब मनाया गया? 1962

 

शिक्षक दिवस क्या हैं?

एक व्यक्ति के जीवन को आकार देने में उसके माता-पिता से ज्यादा एक अच्छे शिक्षक का योगदान होता है। हमारे देश की संस्कृति में शिक्षक को भगवान से ऊपर स्थान दिया गया है। किसी एक के जीवन का लक्ष्य प्राप्त करने में एक अच्छे गुरु का मार्गदर्शन और सहायता बहुत मायने रखता है।

अपने स्कूल-कॉलेज के दिनों में अपने गुरु के द्वारा निभाये गये निर्माणकर्ता की भूमिका को हर सफल इंसान हमेशा याद रखता है, शिक्षक के कार्यों को धन्यवाद शब्द में समाहित नहीं किया जा सकता है। विद्यार्थीयों के जीवन को बेहतर बनाने के दौरान गुरु सबसे ईमानदारी से कार्य करता है, पढ़ाई-लिखाई के अलावा दूसरे पाठ्येतर क्रियाओं में भी शिक्षक विद्यार्थीयों का ध्यान रखते है। अपने जीवन के हर पहलू और मार्गदर्शन के लिये विद्यार्थी अपने शिक्षक पर निर्भर रहता है; और एक अच्छा गुरु कभी अपने चेले को निराश नहीं करता है।


 

अतः प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक एक महत्वपूर्ण भूमिका रखता है, इसलिए उसका सम्मान बहोत ही आवश्यक है. जो विद्यार्थी अपने शिक्षक का आदर नहीं करता वह अपने शिक्षक के महत्व से अंजान होता है और भविष्य में पछताता है.

5 सितंबर को शिक्षक दिवस क्यों मनाते हैं?

भारत में शिक्षक दिवस 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। वे एक प्रसिद्ध विद्वान, भारत रत्न पाने वाले, प्रथम उपराष्ट्रपति और स्वतंत्र भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे। उनका जन्म 5 सितंबर, 1888 को हुआ था। एक शिक्षाविद् के रूप में, वह एक शिक्षक थे, और वे एक महान शिक्षक, शिक्षाविद और एक महान शिक्षक थे। जैसा कि आम कहावत है, एक देश का भविष्य अपने बच्चों और शिक्षकों के हाथों में होता है, संरक्षक के रूप में, छात्रों को भविष्य के नेताओं में ढाला जा सकता है जो भारत के भाग्य को आकार देते हैं। कैरियर और व्यवसाय में सफल होने के लिए वे हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे हमें एक अच्छा इंसान, समाज का बेहतर सदस्य और देश का एक आदर्श नागरिक बनने में मदद करते हैं। शिक्षक दिवस को हमारे जीवन में आने वाली चुनौतियों, कठिनाइयों और विशेष भूमिका को स्वीकार करने के लिए मनाया जाता है।


 

शिक्षक दिवस मनाने की शुरुआत कैसे हुई?

जब डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के राष्ट्रपति (1962-1967) बने, तो उनके कुछ छात्रों और दोस्तों ने उनसे अनुरोध किया कि वे उन्हें 5 सितंबर को अपना जन्मदिन मनाने दें। उन्होंने जवाब दिया, “मेरा जन्मदिन मनाने के बजाय, 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है, तो यह मेरा गौरवपूर्ण सौभाग्य होगा।” तब से, 5 सितंबर को डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस को भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन, छात्र अपने शिक्षकों को सम्मान देने के लिए स्कूल और कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करेंगे। कुछ स्कूलों में, वरिष्ठ कक्षाओं के छात्र शिक्षकों के लिए अपनी प्रशंसा दिखाने के लिए जूनियर कक्षाओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी लेते हैं।


 

शिक्षक दिवस का महत्व

शिक्षक दिवस एक ऐसा आयोजन है जिसके लिए छात्र और शिक्षक समान रूप से तत्पर रहते हैं। छात्रों के लिए शिक्षक दिवस महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उन्हें अपने शिक्षकों द्वारा यह सुनिश्चित करने का प्रयास करने का मौका मिलता है कि वे उचित शिक्षा प्राप्त कर सकें। इसी तरह, शिक्षक भी शिक्षक दिवस समारोह के लिए तत्पर रहते हैं क्योंकि उनके प्रयासों को छात्रों और अन्य एजेंसियों द्वारा मान्यता प्राप्त और सम्मानित किया जाता है। शिक्षकों को सम्मानित और सम्मानित किया जाना चाहिए। भारत में, शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर, यानी 5 सितंबर को, भारत के राष्ट्रपति द्वारा मेधावी शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार दिए जाते हैं। पुरस्कारों को प्राथमिक विद्यालयों, मध्य विद्यालयों और माध्यमिक विद्यालयों में काम करने वाले प्रशंसनीय शिक्षकों के लिए सार्वजनिक आभार के रूप में सम्मानित किया जाता है।


 

शिक्षक दिवस कैसे मनाया जाता है?

शिक्षक दिवस मतलब शिक्षकों का दिन इस दिन विभिन्न स्कूल कॉलेजों में शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते है. इस दिन शिक्षण संस्थानों कि छुट्टियाँ होती है, और विद्यालयों में विद्यार्थियों के द्वारा शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते है, उनके द्वारा अपने शिक्षकों को विभिन्न उपहार दिये जाते है. वैसे तो गुरु शिष्य का रिश्ता एक अनुशासन और सम्मान साझा करता है, परंतु इस दिन वे अपने बीच के अंतर को दूर कर शिष्य अपने मन के प्रत्येक भाव को अपने शिक्षक के सम्मान में विकत करता है और अपने शिक्षक को स्पेशल फील करवाता है.


यह भी पढे : डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन परिचय

शिक्षक दिवस पर दोहे और उनके अर्थ 

गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय।
बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय।।

अर्थ – अपने इस प्रचलित दोहे में महाकवि कबीरदास जी कहते है कि जब आपके सामने गुरु और भगवान दोनों ही खड़े हो तो आप सर्वप्रथम किसे प्रणाम करेंगे? गुरु ही आपको गोविंग अर्थात भगवान तक पंहुचने का मार्ग प्रशस्त करता है अर्थात गुरु महान है और आपको अपने गुरु का ही वंदन सर्वप्रथम करना चाहिए.


 

गीली मिट्टी अनगढ़ी, हमको गुरुवर जान,
ज्ञान प्रकाशित कीजिए, आप समर्थ बलवान।

अर्थ – अपने इस दोहे में कवि कहते है कि हें गुरुवर आप हमे कच्ची मिट्टी कि भाति जानकर हमें भविष्य के लिए तैयार कीजिये. आप ही ऐसे व्यक्ति है जो हमारे गुणो अवगुणो कि परिकल्पना कर हममे ज्ञान रूपी दीपक प्रज्वलित कर सकते है.


 

शिष्य वही जो सीख ले, गुरु का ज्ञान अगाध,
भक्तिभाव मन में रखे, चलता चले अबाध।

अर्थ :- अपने इस दोहे में कवि कहते है शिष्य वही है जो गुरु द्वारा दिया ज्ञान अपने अंदर अर्जित करले और अपने मन में अपने गुरु के प्रति श्रध्दा रखकर अपने कर्म पथ पर आगे बढ़ता चले.

शिक्षक दिवस पर भाषण 

सबसे पहले जब आप अपने भाषण के लिए मंच पर आए तो सर्वप्रथम कार्यक्रम के अध्यक्ष फिर मुख्य अतिथि और फिर मंचासीन सभी अतिथियों का अभिनंदन करे. फिर क्योंकि यह भाषण शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में है तो आप अपने सभी शिक्षकों का भी अभिनंदन करें फिर आपको अपने श्रोताओं का भी अभिनंदन करना होगा. अब आप आगे अपने भाषण कि भूमिका बांधे कि यह दिन क्यों मनाया जाता है इसे कैसे मनाया जाता है. जिस विशेष व्यक्ति कि स्मृति में इसे मनाया जाता है उसका परिचय दे और उनकी उपलब्धियों को गिनाए. इसके बाद आप अपनी स्वरचित किसी कविता या अन्य किसी रचना से श्रोताओं का ध्यान अपनी और आकर्षित कर सकते है. अब आप अपने प्रिय शिक्षक के बारें मे बात करके उनके प्रति विचार उनसे साझा कर सकते है. अगर आप अपने साथ किसी घटना से अपने जीवन में गुरु के द्वारा लाये बदलाव को बताएँगे तो आप स्वयं को श्रोताओं से बांधने में समर्थ होंगे.



इस प्रकार अंत में आपको सभी का धन्यवाद कर अपनी गलतियों पर क्षमा याचना करनी चाहिए और अपना स्थान ग्रहण करना चाहिए. परंतु जब आप भाषण के लिए मंच पर हो तो आप डरें नहीं जब आप बिना डरें पूरे उत्साह और साहस से अपनी बात श्रोताओं के बीच रखते है तो आपका भाषण ज्यादा आकर्षक लगता है.

शिक्षक दिवस पर कविता – Teachers Day Kavita in Hindi

गुरु का महत्व कभी होगा न कम,
भले करले कितनी भी उन्नति हम,
वैसे तो है इंटरनेट पर हर प्रकार का ज्ञान,
पर अच्छे बुरे की नहीं उसे पहचान,
नहीं है शब्द कैसे करूँ धन्यवाद,
बस चाहिए हर पल आप सबका आशीर्वाद,
हूं जहां आज मैं उसमें है बड़े योगदान,
आप सबका जिन्होंने दिया मुझे इतना ज्ञान,
आपने बनाया है मुझे इस योग्य,
कि प्राप्त करूं मैं अपना लक्ष्य,
दिया है हर समय आपने सहारा,
जब भी लगा मुझे मैं हारा,
करता हूं दिल से आप सब का सम्मान,
आप सबको है मेरा शत-शत प्रणाम।


 

मैं आप सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देता हूं।

शिक्षक दिवस पर अनमोल वचन

जो असफल होकर निचे गिरते हैं वास्तव में वही शिक्षित होते हैं.

क्यूंकि जब वे वापस अपना नया रास्ता बनाते हैं उन्हें आतंरिक भय नहीं सताता।


 

गुरु केवल वह नहीं जो हमें कक्षा में पढ़ाते हैं.

बल्कि हर वो व्यक्ति जिससे हम सीखते हैं वह हमारा गुरु है।

 

साक्षर और शिक्षित में सबसे बड़ा फर्क यही है.

कि साक्षर को केवल किताबी ज्ञान होता है

लेकिन शिक्षित व्यक्ति को अच्छा, बुरा, सही, गलत, सुकर्म, कुकर्म

हर विषय का ज्ञान होता है ।


 

माँ-बाप के बाद एक शिक्षक ही वह व्यक्ति है.

जो बच्चो के मन को पढ़ लेता है।

 

हर किसी की सफलता की नींव में एक शिक्षक की भूमिका अवश्य होती हैं.

बिना प्रेरणा के किसी भी ऊँचाई तक पहुंचना असम्भव हैं.

 

शिक्षक स्वयम कभी बुलंदियों पर नहीं पहुँचते.

लेकिन बुलंदियों पर पहुँचने वालो को शिक्षक ही निर्मित करते हैं.


 

 

एक शिक्षक किताबी ज्ञान देता हैं..

एक आपको विस्तार समझाता हैं..

एक स्वयं कार्य करके दिखाता हैं..

और एक आपको रास्ता दिखाकर आपको उस पर चलने के लिए छोड़ देता हैं..

ताकि आप अपना स्वतंत्र व्यक्तित्व बना सके..

यह अंतिम गुण वाला शिक्षक सदैव आपके भीतर प्रेरणा के रूप में रहता हैं..

जो हर परिस्थिती में आपको संभालता हैं..

आपको प्रोत्साहित करता हैं|


 

दुनिया के अलग-अलग  देशों में कब मनाया जाता है, शिक्षक दिवस

देश  कब मनाया जाता है 
बांग्लादेश 5 अक्टूबर
ऑस्ट्रेलिया अक्टूबर के आखिरी शुक्रवार
चाइना 10 सितम्बर
जर्मनी 5 अक्टूबर
ग्रीस 30 जनवरी
मलेशिया 16 मई
पाकिस्तान 5 अक्टूबर
श्रीलंका 6 अक्टूबर
यूके 5 अक्टूबर
यूएसए मई के पहले हफ्ते में नेशनल टीचर वीक मनाया जाता है
ईरान 2 मई



शिक्षक दिवस पर शायरी 2021 (Teacher’s Day Shayari in Hindi 2021)

गुमनामी के अंधेरे में था पहचान बना दिया
दुनिया के गम से मुझे अनजान बना दिया
उनकी ऐसी कृपा हुई गुरू ने मुझे एक अच्छा
इंसान बना दिया ||

 

गुरु बिना ज्ञान नही ,गुरु बिना सुनी हैं जिंदगानी,
गुरु बिना न राम मिले ना मिले सत्य का राज
जब मिले  गुरु का ज्ञान तो हो जाये सत्य का ज्ञान


 

आज टीचर्स डे के दिन हम आपसे बताना चाहते हैं कि
आप जिस तरह से हमें पढ़ाते हैं…
हमारा ध्यान रखते हैं…
हमें प्यार करते हैं…
वो आपको दुनिया का बेस्ट टीचर बनाता है.
हैप्पी टीचर्स डे 2021

 

शिक्षक हैं एक दीपक की छवि
जो जलकर दे दूसरों को रवि
ना रखता वो कोई ख्वाइश बड़ी
बस शिष्य की सफलता ही हैं खुशियों की लड़ी

 

साक्षर हमें बनाते हैं,जीवन क्या है समझाते हैं |
जब गिरते हैं हम हार कर तो साहस वही बढाते हैं |
ऐसे महान व्यक्ति ही तो शिक्षक हैं – जो गुरु कहलाते हैं |


 

भीड़ में हैं एक गुरु ही अपना
दिखाये जो जीवन का सपना
पग पग पर देते वो दिशा निर्देश
गुरु से ही सजे जीवन परिवेश

 

बिन गुरु नहीं होता जीवन साकार
सिर पर होता जब गुरु का हाथ
तभी बनाता जीवन का सही आकार
गुरु ही हैं सफल जीवन का आधार

शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं 2021 

मुझे पढ़ना-लिखना सिखाने के लिए धन्यवाद
मुझे सही-गलत की पहचान सिखाने के लिए धन्यवाद
मुझे बड़े सपने देखने और आकाश को चूमने का साहस देने के लिए धन्यवाद
मेरा मित्र, गुरु और प्रकाश बनने के लिए धन्यवाद


 

जीवन में कभी हार न मानना
संघर्षों से कभी न भागना
मुसीबतों का करना डट कर सामना
हो कुछ भी सच्चाई के मार्ग पर चलना
ये आप ही तो हमें सिखाते हैं

 

जीवन जितना सजता हैं माता-पिता के प्यार से
उतना ही महकता हैं गुरु के आशीर्वाद से
समाज कल्याण में जितने माता पिता होते हैं खास
उतने ही गुरु के कारण देश की होती हैं साख


 

FAQs:

 विश्व शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है?

वर्ल्ड टीचर्स डे 5 अक्टूबर को मनाया जाता है, इसी दिन दुनिया के 21 देश इसे बड़ी धूमधाम से मनाते है.

भारत में शिक्षक दिवस कब मनाया जाता हैं ?

5 सितम्बर

भारत में पहली बार शिक्षक दिवस कब मनाया गया था ?

1962

भारत में शिक्षक दिवस की स्थापना किसने की थी ?

कांग्रेस पार्टी

भारत में शिक्षक दिवस किसकी याद में मनाया जाता है?

भारत में शिक्षक दिवस भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधा कृष्णन के जन्म दिन के अवसर पर मनाया जाता है।

राष्ट्रीय शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है?

प्रत्येक वर्ष 5 सितम्बर को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

2 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here